बहुविकल्पीय प्रश्न (1 अंक)
प्रश्न 1.
उद्यमी होता है।
(a) वैतनिक कर्मचारी
(b) अवैतनिक कर्मचारी
(c) सरकारी कर्मचारी
(d) केवले उपभोक्ता
उत्तर:
(b) अवैतनिक कर्मचारी
प्रश्न 2.
जोखिम उठाने का कार्य है।
(a) पूँजीपति का
(b) उद्यमी का
(c) संगठनकर्ता का
(d) ये सभी
उत्तर:
(b) उद्यमी का
प्रश्न 3.
साहसी का कार्य मुख्यतः होता है।
(a) मानसिक
(b) शारीरिक
(c) ‘a’ और ‘b’ दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(d) मानसिक
प्रश्न 4.
उत्पादन के किस साधन का पुरस्कार ऋणात्मक हो सकता है? (2010, 09)
(a) पूँजी
(b) उद्यम
(c) श्रम
(d) संगठन
उत्तर:
(b) उद्यम
निश्चित उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)
प्रश्न 1.
साहस उत्पत्ति का सक्रिय साधन है/नहीं है।
उत्तर:
सक्रिय साधन है।
प्रश्न 2.
उद्यमी व्यापार का जोखिम उठाता है/नहीं उठाता है।
उत्तर:
उठाता है।
प्रश्न 3.
उद्यमी व्यवसाय का वेतनभोगी कर्मचारी/स्वामी होता है।
उत्तर:
स्वामी होता है।
प्रश्न 4.
उद्यमी के पुरस्कार को लाभ/ब्याज कहते हैं।
उत्तर:
लाभ कहते हैं।
प्रश्न 5.
लाभ ऋणात्मक हो सकता है/नहीं हो सकता है। (2010)
उत्तर:
हो सकता है।
प्रश्न 6.
साहसी का पारिश्रमिक ऋणात्मक हो सकता है।नहीं हो सकता है। (2009)
उत्तर:
हो सकता है।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्रश्न 1.
उद्यमी या साहसी से आप क्या समझते हैं? (2012)
उत्तर:
उद्यम से आशय हानि तथा लाभ को वहन करने की क्षमता से है तथा जो व्यक्ति यह क्षमता रखता है, वह ‘साहसी’ या ‘उद्यमी’ कहलाता है। दूसरे शब्दों में, उद्यमी अपने उद्यम का एक अवैतनिक कर्मचारी होता है एवं वह व्यवसाय का स्वामी होता है।
प्रश्न 2.
प्रो. जे. के. मेहता के अनुसार उद्यमी या साहसी को परिभाषित कीजिए। (2012)
उत्तर:
प्रो. जे. के. मेहता के अनुसार, “उत्पादन में सदैव कुछ-न-कुछ जोखिम रहता है। इस जोखिम से उत्पन्न होने वाली हानियों को सहन करने के लिए किसी-न-किसी व्यक्ति की आवश्यकता होती है। जो व्यक्ति इन हानियों को सहन करता है, उसे साहसी या उद्यमी कहते हैं।”
लघु उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्रश्न 1.
संगठनकर्ता व साहसी में अन्तर बताइए।
उत्तर:
संगठनकर्ता (प्रबन्धक) तथा साहसी में अन्तर

प्रश्न 2.
कुशल साहसी के गुणों का वर्णन कीजिए। उत्तर कुशल साहसी के गुण निम्नलिखित हैं-
- नेतृत्व का गुण एक कुशल साहसी में नीति-निर्धारण करने व निर्णय लेने का गुण होना चाहिए। साहसी में प्रोत्साहित व प्रेरित करने की योग्यता भी होनी चाहिए।
- अच्छी साख साहसी की बाजार में अच्छी साख होनी चाहिए, जिससे कि उसे सरलता से पूँजी उपलब्ध हो सके।
- व्यावसायिक ज्ञान साहसी को व्यवसाय के प्रत्येक पहलू के बारे में पर्याप्त ज्ञान होना चाहिए।
- नैतिक शिक्षा एक साहसी में आत्मविश्वास, ईमानदारी, सहचरित्रता, आदि नैतिक गुणों का होना आवश्यक है।
- दूरदर्शिता साहसी को पूर्वानुमान लगाकर भावी परिवर्तनों के लिए होने वाले जोखिमों के लिए तैयार रहना चाहिए।
- निर्णय लेने की योग्यता साहसी में व्यवसाय से सम्बन्धित विवेकपूर्ण निर्णय लेने की योग्यता होनी चाहिए।
- साहस, धैर्य व दृढ़ता एक साहसी में जोखिम व अनिश्चितता का सामना करने के लिए साहस, धैर्य व दृढ़ता का गुण होना आवश्यक है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (8 अंक)
प्रश्न 1.
उद्यमी किसे कहते हैं? एक उद्यमी के प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए। (2016)
उत्तर:
द्यमी से आशय साहस या उद्यम उत्पादन का पाँचवाँ उपादान है। अमेरिकन अर्थशास्त्रियों ने सर्वप्रथम उत्पादन के ‘उद्यम’ (पाँचवाँ उपादान) को महत्त्व दिया है। प्रत्येक व्यवसाय में किसी-न-किसी प्रकार का छोटा या बड़ा जोखिम होता है। ‘साहस’ उत्पत्ति का सक्रिय साधन है। उद्यम से आशय हानि तथा लाभ को वहन करने की क्षमता से है तथा जो व्यक्ति यह क्षमता रखता है, वह साहसी या उद्यमी कहलाता है। डॉ. मार्शल के अनुसार, “साहसी साहस का कार्य करता है और जोखिम उठाता है।”
प्रो. जे. के. मेहता के अनुसार, “उत्पादन में सदैव कुछ-न-कुछ जोखिम रहता है। इस जोखिम से उत्पन्न होने वाली हानियों को सहन करने के लिए किसी-न-किसी व्यक्ति की आवश्यकता होती है। जो व्यक्ति इन हानियों को सहन करता है, उसे साहसी या उद्यमी कहते हैं।” प्रो. नाइट के अनुसार, “उद्यमी वह व्यक्ति है, जो दो कार्य करता है-व्यापार के जोखिम उठाना और उस पर नियन्त्रण रखना।” उद्यमी/साहसी के कार्य एक साहसी या उद्यमी द्वारा किए जाने वाले कार्यों को निम्नलिखित तीन भागों में बाँटा जा सकता है
1. निर्णय सम्बन्धी कार्य साहसी के निर्णय सम्बन्धी कार्य निम्न हैं-
- व्यवसाय का चुनाव साहसी को यह निर्णय लेना पड़ता है कि कौन-सा व्यवसाय प्रारम्भ किया जाए तथा किस व्यवसाय में अधिक लाभ कमाया जा सकता है। इस प्रकार इन बातों को ध्यान में रखकर उचित व्यवसाय का चुनाव किया जा सकता है।
- उत्पादन के स्थान का चुनाव उद्योग की स्थापना किस स्थान पर की जाए, यह निर्णय भी साहसी को ही लेना पड़ता है। साहसी यह निर्णय लेते समय कच्चे माल व शक्ति के साधनों की उपलब्धता, यातायात के साधनों की व्यवस्था, बाजार, बैंक, आदि सुविधाओं को ध्यान में रखता है।
- वस्तु का चुनाव साहसी को उत्पादन कार्य प्रारम्भ करने से पहले वस्तु के चुनाव सम्बन्धी निर्णय भी लेने पड़ते हैं।
- उत्पादन की इकाई के आकार का निर्णय व्यवसाय, स्थान व वस्तु का चुनाव करने के पश्चात् उत्पादित वस्तु के आकार सम्बन्धी निर्णय भी साहसी द्वारा लिए जाते हैं। यह घटक उत्पादित वस्तु की माँग पर निर्भर करता है।
2. वितरण सम्बन्धी कार्य वर्तमान युग में संयुक्त साधनों के द्वारा ही उत्पादन किया जा सकता है। प्रत्येक साधन को उसके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के बदले उचित प्रतिफल दिया जाता है अर्थात् व्यवसाय में प्राप्त आय में से भूमिपति को लगान, पूँजीपति को ब्याज, श्रमिकों को मजदूरी व प्रबन्धक को वेतन दिया जाता है। शेष बचे लाभ को साहसी अपने पास रखता है।
3. जोखिम सहन करने सम्बन्धी कार्य प्रत्येक प्रकार के व्यवसाय में जोखिम पाए जाते हैं। बिना जोखिम के उत्पादन कार्य नहीं किया जा सकता है। साहसी द्वारा ही व्यवसाय के जोखिम व अनिश्चितता को वहन किया जाता है।